Browsing History in Microsoft Edge

माइक्रोसॉफ्ट एज में ब्राउज़िंग डाटा और हिस्ट्री को कैसे मैनेज या डिलीट करें?

माइक्रोसॉफ्ट एज बहुत से इम्पोर्टेन्ट डाटा को आपके हार्डडिस्क पर स्टोर करके रखता है। जिनमे आपके द्वारा देखे गए वेबसाइट डिटेल्स, आपके द्वारा नियमित रूप से खोले जाने वाले इमेल्स और बैंकिंग पासवर्ड्स भी होते हैं।

इनमे से कुछ ब्राउज़िंग डाटा माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर पर ब्राउज़र और कोर्टाना (Cortana) द्वारा जाते हैं जो क्लाउड पर स्टोर होता है। हालांकि ये सब हमारे अच्छे ब्राउज़िंग और सुविधा के लिए किया जाता है। लेकिन जब बात प्राइवेसी और सिक्योरिटी की आती है तो ये डाटा भी बहुत सेंसिटिव हो सकते हैं। ख़ास तौर पर तब जब आपका कंप्यूटर किसी और व्यक्ति द्वारा भी इस्तेमाल किया जाता हो।

इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए माइक्रोसॉफ्ट इन सब डाटा को मैनेज और डिलीट करने का ऑप्शन भी देता है।

आईये देखते हैं कि इन डाटा को माइक्रोसॉफ्ट एज में कैसे मैनेज (Manage) किया जा सकता है।

Clear browsing data in Microsoft Edge

पहले एज ब्राउज़र को खोलें फिर more actions मेन्यू जोकि तीन बिन्दुवों (…) के रूप में ब्राउज़र के ऊपर के दाहिने कोने में स्थित होता है, इसपर क्लिक करके Settings को खोलें।

अब Clear browsing data में Choose what to clear पर क्लिक करें जिससे क्लियर ब्राउज़िंग डाटा विंडो खुल जायेगा। अब आप यहाँ से जो भी डाटा डिलीट करना चाहते हैं उनको चेक-मार्क बॉक्स पर क्लिक करके सेलेक्ट कर लें और क्लियर पर क्लिक करें, जिससे वह ब्राउज़िंग डाटा क्लियर हो जायेगा।

लेकिन इन डाटा को डिलीट करने से पहले आपको इनके बारे में जान लेना चाहिए।

Browsing History-

जितनी बार भी आप एज ब्राउज़र पर कोई वेबपेज खोलते हैं, ये उस वेबसाइट का नाम और URL हार्ड डिस्क पर स्टोर कर लेता है।

Cookies and saved website data-

कूकीज एक छोटे टेक्स्ट फाइल (Text file) के रूप में लॉगिन डिटेल्स, यूजर प्रैफरेंसेज (user preferences) और अन्य जानकारी इकठ्ठा करके रखता है।

Cached data and files-

प्रत्येक वेबपेज जो आप विजिट करते हैं वह बहुत से फाइल्स और सोर्स कोड (Source code) का संग्रह होता है, जिसकी वजह से वेबपेज विजिट करते समय ये लोड होते हैं। कैशिंग प्रोसेस से वेबपेज के फाइल्स और अन्य डाटा लोकल ड्राइव में सेव हो जाते हैं जिसे कैच्ड डाटा (Cached data) कहते हैं। जिसकी वजह से जब आप दूसरी या तीसरी बार उसी वेबपेज को विजिट करते हैं तो वह काफी तेजी से ओपन होता है।

Download History-

इसमें आपके डौन्लोडेड फाइल (Downloaded file) का नाम और उसका सोर्स यूआरएल (source URL) सेव होता है।

Form data-

कुछ वेबसाइट्स पर कॉमन डाटा fill करने की ज़रूरत होती है, जैसे कि हमारा लॉगिन यूजर नाम, एड्रेस, मोबाइल नंबर, सर्वे या फॉर्म्स इत्यादि। एज इन डाटा को स्टोर करके रखता है, जिससे अगली बार अगर वही पेज दुबारा विजिट करते हैं तो एज उन सभी डिटेल्स को अपने आप fill करने का ऑप्शन देता है।

Password-

लगभग सारे ही वेब साइट्स पर लॉगिन करने के लिए यूजर नेम और पासवर्ड की आवश्यकता होती है। एज सारे लॉगिन डिटेल्स को स्टोर करता है, जिसकी सहायता से अगली बार उस वेबसाइट को विजिट करने पर पासवर्ड अपने आप fill हो जाता है।Clear browsing data in Microsoft Edge

ऊपर बताये गए इन कॉमन ब्राउज़िंग डाटा के अलावा एज कुछ एडवांस जानकारियां भी स्टोर करके रख सकता है।

Media licenses-

कुछ वेबसाइट्स अपने डिजिटल लाइसेंस को local स्टोर करके रखती हैं जिससे DRM (Digital Rights Management) लाइसेंस का इस्तेमाल करने वाली साइट्स अपने यूनिक identities, मीडिया लाइसेंस और अन्य डाटा को हार्ड डिस्क पर स्टोर कर देती हैं। जिससे जब यूजर उन साइट्स पर दुबारा विजिट करते हैं तो साइट्स इन डाटा की सहायता से उस साइट को देखने या मीडिया डाउनलोड करने का परमिशन देती है।

Pop-up exceptions-

एज ब्राउज़र में जिन वेब साइट्स का पॉप-अप allow करना होता है उसको एक्सेप्शन लिस्ट (Exception list) में add कर सकते हैं। जिससे ब्राउज़र का पॉप-अप ब्लॉकर enable होने पर भी ये एक्सेप्शन लिस्ट पॉप-अप के लिए allow होते हैं।

Location Permissions-

कुछ वेब साइट्स आपसे आपका लोकेशन एक्सेस करने का परमिशन मांगते हैं। जिनको Allow करने पर ये डिटेल्स लोकल हार्ड डिस्क पर स्टोर हो जाता है।

Full screen permissions-

यहाँ पर वह वेब साइट्स स्टोर होते हैं जिनको आपने फुल स्क्रीन मोड में अपने आप खुलने का परमिशन दिया होता है।

Compatibility permissions-

वैसे तो ‘एज’ विंडोज 10 का डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र है पर इसके साथ इंटरनेट एक्स्प्लोरर (Internet Explorer) भी इन्सटाल्ड रहता है। कम्पैटिबिलिटी के उद्देश्य से वेब साइट्स को एज की जगह इंटरनेट एक्स्प्लोरर में भी खोलने का ऑप्शन रहता है। यहाँ उन्ही साइट्स की लिस्ट स्टोर्ड होती हैं।

उम्मीद करता हूँ की आपको इन सभी कॉम्पोनेन्ट की जानकारी हो गयी होगी। यदि आप अपने सिलेक्शन से संतुस्ट हैं तो Clear बटन पर क्लिक करके अपने डिवाइस से ब्राउज़िंग डाटा डिलीट कर सकते हैं।

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